Navratri 2021 : जानिए नवरात्रि क्यों मनाई जाती है ?

शारदीय नवरात्रि का त्योहार इस साल 7 अक्टूबर 2021 को मनाया जाएगा। नवरात्रि का त्योहर साल में दो बार मनाया जाता है, नवरात्रि के समय प्रकृति में कई तरह के बदलाव होते हैं और नवरात्रि का त्योहार मौसम के अनुकूल माना जाता है, जो शरीर में ऊर्जा को बढ़ाता है, इसके अलावा भी अन्य कारण है जिसकी वजह से नवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है तो आईये जानते है की नवरात्रि क्यों मनाई जाती है.

Navratri 2021 : जानिए नवरात्रि क्यों मनाई जाती है ?

Navratri 2021 : जानिए नवरात्रि क्यों मनाई जाती है ? नवरात्रि का त्योहार पूरे देशभर में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नवरात्रि क्यों मनाई जाती है नवरात्रि का त्योहार (Navratri Festival), क्या है इसे मनाने के पीछे की मान्यता। नवरात्रि पर मां दुर्गा के सभी नौ रूपों की पूजा की जाती है। यह वह समय होता है। जब मौसम में बदलाव होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सर्दियो से पहले भगवान श्री राम ने अपनी विजय के लिए मां दुर्गा (Maa Durga) की आराधना की थी। तो आइए जानते है नवरात्रि क्यों मनाई जाती है.

जब भी बात नवरात्र की आती है तो हमारा दिमाग पाठ-पूजा, देवी मां की अर्चना-आरती तक ही सीमित रह जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नवरात्र का त्योहार क्यों मनाया जाता है? इसकी मान्यता क्या है?

सदियों से हम नवरात्र का त्योहार मनाते आ रहे हैं, व्रत रखते आ रहे हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरीकों से इस त्योहार को मनाया जाता है। कहीं कुछ लोग पूरी रात गरबा और आरती कर नवरात्र के व्रत रखते हैं तो वहीं कुछ लोग व्रत और उपवास रख मां दुर्गा और उसके नौ रूपों की पूजा करते हैं, लेकिन इस नवरात्र के पीछे असल कहानी क्या है?

 नवरात्रि क्यों मनाया जाता है ?

इससे जुड़ी एक पौराणिक कथा है। महिषासुर नाम का एक बड़ा ही शक्तिशाली राक्षस था। वो अमर होना चाहता था और उसी इच्छा के चलते उसने ब्रह्मा की कठोर तपस्या की। ब्रह्माजी उसकी तपस्या से खुश हुए और उसे दर्शन देकर कहा कि उसे जो भी वर चाहिए वो मांग सकता है। महिषासुर ने अपने लिए अमर होने का वरदान मांगा।

महिषासुर की ऐसी बात सुनकर ब्रह्मा जी बोले, 'जो इस संसार में पैदा हुआ है उसकी मौत निश्चित है। इसलिए जीवन और मृत्यु को छोड़कर जो चाहो मांग लोग।' ऐसा सुनकर महिषासुर ने कहा,' ठीक है प्रभु, फिर मुझे ऐसा वरदान दीजिए कि मेरी मृत्यु ना तो किसी देवता या असुर के हाथों हो और ना ही किसी मानव के हाथों। अगर हो तो किसी स्त्री के हाथों हो।'

महिषासुर की ऐसी बात सुनकर ब्रह्माजी ने तथास्तु कहा और चले गए। इसके बाद तो महिषासुर राक्षसों का राजा बन गया उसने देवताओं पर आक्रमण कर दिया। देवता घबरा गए। हालांकि उन्होंने एकजुट होकर महिषासुर का सामना किया जिसमें भगवान शिव और विष्णु ने भी उनका साथ दिया, लेकिन महिषासुर के हाथों सभी को पराजय का सामना करना पड़ा और देवलोक पर महिषासुर का राज हो गया।

महिषासुर से रक्षा करने के लिए सभी देवताओं ने भगवान विष्णु के साथ आदि शक्ति की आराधना की। उन सभी के शरीर से एक दिव्य रोशनी निकली जिसने एक बेहद खूबसूरत अप्सरा के रूप में देवी दुर्गा का रूप धारण कर लिया। देवी दुर्गा को देख महिषासुर उन पर मोहित हो गया और उनसे शादी करने का प्रस्ताव सामने रखा। बार बार वो यही कोशिश करता।

देवी दुर्गा मान गईं लेकिन एक शर्त पर..उन्होंने कहा कि महिषासुर को उनसे लड़ाई में जीतना होगा। महिषासुर मान गया और फिर लड़ाई शुरू हो गई जो 9 दिनों तक चली। दसवें दिन देवी दुर्गा ने महिषासुर का अंत कर दिया...और तभी से ये नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है।

नवरात्रि पर क्या करें (Navratri Per Kya Kare) 

1. नवरात्रि के व्रत में ब्रह्मचर्य का पालन अवश्य करें। क्योंकि बिना ब्राह्मचर्य का पालन किए बिना कोई भी व्रत पूर्ण नही हो सकता 

2. नवरात्रि पर मां दुर्गा को लाल पुष्प अवश्य अर्पित करें क्योंकि मां को लाल रंग अत्याधिक प्रिय है। इसके अलावा मां की पूजा में नौ दिनों तक ज्वार अवश्य रखें। 

3. कलश स्थापना के बिन नवरात्रि की पूजा अधूरी मानी जाती है। इसलिए नवरात्रि में कलश की स्थापना अवश्य करें 

4.नवरात्रि में पूरे नौ दिनों का व्रत अवश्य करें। यदि नौ दिनों तक आप व्रत नहीं कर सकते तो आप पहले और आखिरी नवरात्र का व्रत तो अवश्य ही रखें। 

5. नवरात्रि में मां दुर्गा के आगे अखंड ज्योत अवश्य जलाएं। यदि यह संभव न हो तो सुबह और शाम तो ज्योत अवश्य जलाएं।

Sunil Sharma

मैं Blogging Sikhen.Com का Founder हु और मैं एक Part Time Blogger हु। मैं इस ब्लॉग पर आपके लिए Blogging , Adsense , Computer , Tips की जानकारी शेयर करता हु

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